Hindi Shayari

27 July 2009

Hindi Shayari

कभी तो चाँद असमान से उतरे और आम हो जाये
तेरे नाम की एक खूबसूरत शाम हो जाये
अजब हालत हुए की दिल का सौदा हो गया
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलम हो जाये
मैं खुद भी तुझसे मिलने की कोशिश नहीं करूँगा
क्योंकि नहीं चाहता कोई मेरे लिए बदनाम हो जाये
उजाले अपनी यादों के मेरे साथ रहने दो
जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाये
Rajesh Rohilla

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